निवाई (लालचंद सैनी): आज शादियों में लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी वर पक्ष को लाखों रुपए का दहेज के लेनदेन का प्रचलन चल रहा है। उसके बाद भी रिश्ते लंबे नहीं चल पा रहे हैं। ऐसे में भी कुछ लोग नई इबादत लिख देते हैं। ऐसा ही एक मामला देखने को मिला, जिसमें एक रूपए की राशि दहेज के रूप में स्वीकार कर नव दांपत्य जीवन की शुरुआत की।ग्राम रजवास में श्योजीराम पटेल ने अपने पुत्र संजय चौधरी की शादी में दहेज के रूप में एक रुपया स्वीकार कर समाज में एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। श्योजीराम पटेल ताखर निवासी रजवास के बेटे संजय ताखर की शादी अनवरपुरा खेड़ा में रामजीवन मांड्या की पुत्री गिरिजा के साथ रविवार को गुड्डी पड़वा के सावा पर सम्पन्न हुई। शादी समारोह के दौरान दुल्हा के पिता श्योजीराम ताखर पटेल ने दहेज के रूप में एक रुपया ही स्वीकार किया। यह पहल कर उन्होंने जाट समाज सहित सभी समाजों को दहेज न लेने का संदेश भी दिया है। दूल्हा और दुल्हन वर्तमान में अध्ययन कर रहे हैं। इस पहल की चारों ओर चर्चा हो रही है। इसी शादी समारोह में एक शुरुआत और हुई है। इस अवसर पर शादी समारोह में शामिल हुए मेहमानों शिव शिक्षा समिति सरोली के निदेशक शिवजीराम जाट और दादू दयाल विद्यालय, निवाई के निदेशक शिवराज जाट पूर्व सरपंच रमेश लांबा, जीतराम मांड्या, रामजीवन मांड्या, कैलाश मांड्या, रामेश्वर जाट व देवेंद्र चौधरी ने दूल्हा दुल्हन और उनके माता-पिता को उपहार में हेलमेट भेंट किया है।
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