जयपुर: राजस्थान दिवस साप्ताहिक महोत्सव के तहत गुरुवार को भरतपुर में अंत्योदय कल्याण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम थे। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए। साथ ही, उन्होंने ‘लक्ष्य अंत्योदय, पथ अंत्योदय, प्रण अंत्योदय’ की भावना के अनुरूप नई जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के वंचित एवं पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार गरीबों, किसानों और श्रमिकों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे और वे आत्मनिर्भर बन सकें। अंत्योदय ही हमारा लक्ष्य है, और इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और दृढ़ संकल्प के कारण आज समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है। चाहे वह किसानों के लिए सिंचाई सुविधा हो, गरीबों के लिए आवास योजना हो, या युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं—हर पहलू पर सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में ‘अंत्योदय’ के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश के गरीब, किसान, श्रमिक और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए सरकार ने कई ऐतिहासिक योजनाओं की शुरुआत की है। डबल इंजन सरकार के चलते राजस्थान को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि, जल संसाधन विभाग भी किसानों और ग्रामीणों को पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। जल संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में हमने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है, जिससे किसानों की सिंचाई जरूरतें पूरी हो सकें और जल संकट से निपटा जा सके। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं लाभार्थी उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित लाभार्थियों ने सरकार की योजनाओं की सराहना की और मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।